Registered by Govt. of Tamilnadu Under act, 1975, SL No. 280/2015
Registered by Govt. of India Act XXI 1860, Regn SEI 1115

  • भारत में पहली बार सभी भारतीये भाषाओं में पंचगव्य चिकित्सा विज्ञान (गऊमाँ के गव्यों) की आधिकारिक पढाई. पंचगव्य अब एक सम्पूर्ण चिकित्सा थेरेपी. हमारा नारा है - "गौमां से असाध्य नहीं कोई रोग" अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें संपर्क करें 8 95 00 95 00 0. एवं मेल लिखें.. Email : gomaata@gmail.com "गऊमाँ से निरोगी भारत" - हमारा सपना. नामांकन के लिए पंजीकरण शुरू है.
  • प्रादेशिक संगठन राजस्थान प्रादेशिक संगठन, राजस्थान

    प्रादेशिक संगठन

  • पंचगव्य विचार (Poll)

    कोरोना है कुछ भी नहीं, फिर भी सरकारें और भारत की मेडिकल एजेंसियां लोगों को पकड़ – पकड़ कर जबरदस्ती अलोपैथी के ड्रग्स दे रही है. जिससे ज्यादा लोग मर रहे हैं. इसमें कितनी सच्चाई लग रही है ?

    View Results

    Loading ... Loading ...
  • सूचना

  • कोरोना कोई गंभीर वायरस नहीं है. गर्म जल के साथ आयुर्वेद के कुछ मसालों से भाग रहा है. जैसे दालचीनी, कालीमीर्च, अदरख, तुलसी के पत्ते और कडू नीम आदि से. पंचगव्य में भी इस पर अच्छा परिणाम आ रहा है. कालमेघ मिश्रित गोमूत्र अर्क से हजारों लोगों का कोरोना पोजिटिव ठीक हुआ है. जिसके कुछ साक्षात्कार u-tube पर दिए गए हैं. भारतीय रसोईघर के संस्कार में बंधे रहे. निरोगी रहें. महर्षि वागभट्ट के तीन सुरक्षा चक्र में रहें. जीवन निरोगी रहेगा. 1) गोमाता, 2) तुलसी और 3) रसोईघर.
    हमारा नारा – गौ माँ से असाध्य नहीं कोई रोग. एवं गौ माँ से निरोगी भारत, नारी गव्यसिद्धों के नेतृत्व में शीघ्र “गव्यहाट” pvt. Ltd. का शुभारम्भ छत्रपति की पूण्य भूमि महारास्ट्र से. वेब पेज www.gavyahaat.org – Launching soon – (लक्ष्य-गव्यसिद्धों के पंचगव्य उत्पाद को विश्व बाजार में पहुँचा कर उन्हें समृद्ध बनाना.) पंचम पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 9 से 12 नवम्बर 2017 निर्धारित. मार्च 2017 से नामांकन शुरू हो रहा है. (1) एडवांस पंचगव्य थेरेपी – 2 वर्ष (2) गर्भशुद्धि-गर्भधारण-प्रसूति व बालपालन थेरेपी {केवल महिलाओं के लिए} – 2 वर्ष (3) पंचगव्य मेडिसिन प्रीप्रेसन टेकनोलाजी -2 वर्ष. (3) विशेषज्ञ कोर्स – हृदय, कैंसर, अर्थरेटिक्स, टीबी, चर्मरोग, माइग्रेन, पुरुष बाँझपन, नारी बाँझपण, बाल रोग, सिकल सेल, फस्टएड, हड्डी, डायबीटीक्स, आँख-नाक-कान, पाचनतंत्र, नाभि एवं नाडी.
    भारत में पहली बार सभी भारतीये भाषाओं में पंचगव्य चिकित्सा विज्ञान (गऊमाँ के गव्यों) की आधिकारिक पढाई. पंचगव्य अब एक सम्पूर्ण चिकित्सा थेरेपी. हमारा नारा है
    भारत में पहली बार सभी भारतीये भाषाओं में पंचगव्य चिकित्सा विज्ञान (गऊमाँ के गव्यों) की आधिकारिक पढाई. पंचगव्य अब एक सम्पूर्ण चिकित्सा थेरेपी. हमारा नारा है
    भारत में पहली बार सभी भारतीये भाषाओं में पंचगव्य चिकित्सा विज्ञान (गऊमाँ के गव्यों) की आधिकारिक पढाई. पंचगव्य अब एक सम्पूर्ण चिकित्सा थेरेपी. हमारा नारा है
  • आन्दोलन से जुड़ें

  • राजस्थान प्रादेशिक संगठन

    अध्यक्ष

    गव्यसिद्ध डॉ भीम राज शर्मा
    Gavyasiddh Dr. Bheemraj Sharma

    kalakritijaipur@gmail.com
    9829055961

    उपाध्यक्ष

    गव्यसिद्ध रमेश पुनिया
    Gavyasiddh Ramesh Puniya

    Rameshpunia48@gmail.com
    9829050323

    सचिव

    Gavyasiddh Dr. Anita Sharma

    sjaipur72@gmail.com
    9829402240

    सह-सचिव

    गव्यसिद्ध प्रवीण खंडेलवाल
    Gavyasiddh Praveen Kandelwal

    praveenkhandelwal2410@gmail.com
    9799085277

    प्रवक्ता 1

    Gavyasiddh Dr. Sitaram Gupta

    sgrudraksh@gmail.com
    9351569187

    प्रवक्ता 2

    गव्यसिद्ध दिनेश पाल
    Gavyasiddh Dinesh Pal Singh

    Dp31singh@gmail.com
    9160632231

    कोषाध्यक्ष

    Gavyasiddh Shri Gopal Vijay


    9664132881

    संयोजक


    सदस्य